बैंक अधिकारी कर रहे मनमानी, व्यापारी हताश व निराश

भलुअनी (देवरिया) । कोरोना महामारी से आर्थिक रूप से टूट चुके व्यापारी सरकार द्वारा घोषित आर्थिक पैकेज के रूप में मिलने वाले ऋण के लिये बैंकों का चक्कर लगाकर थक चुके हैं । भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ मण्डल संयोजक सन्तोष मद्धेशिया ने बीते शनिवार को भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबन्धक रितेश साहू से मिलकर ठेला, फुटपाथ पटरी दुकानदारों सहित अन्य व्यापारियों के लिये लोन की सुविधा प्रदान करने का आग्रह किया जिस पर शाखा प्रबंधक रितेश साहू ने कहा कि अभी कोई लोन नही किया जा रहा है । सन्तोष मद्धेशिया द्वारा सरकार की तरफ से व्यापारियों को दिये जा रहे आर्थिक पैकेज योजना के तहत ऋण दिये जाने की बात कहने पर शाखा प्रबंधक ने कहा कि सरकार पैकेज दे रही है पर हमारे यहाँ अभी उन्ही को लोन दिया जा रहा है जिनका पहले से लोन है, नया लोन नही दिया जा रहा है । भारतीय स्टेट बैंक के फील्ड अफसर पंकज सिंह ने कहा कि अभी सिर्फ रिकवरी का काम किया जा रहा है, गांव गांव घूमकर हम लोग वसूली कर रहें हैं । बैंक के आदेशानुसार हम लोंगों को बैंक में नही बैठना है बल्कि फील्ड में घूम घूमकर लोंगों को पकड़कर रिकवरी कराना है, कोई भी लोन अप्रैल 2021 के बाद ही होगा ।

नही मिल रहा योजना का लाभ, व्यापारियों में नाराजगी

कोरोना काल में प्रभावित व्यापारियों को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा जून में बीस लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज का एक बड़ा हिस्सा व्यापारियों के लिये लोन के रूप में प्रदान किये जाने की घोषणा पर व्यापारी वर्ग को उम्मीद जगी थी कि इस योजना का लाभ उठाकर वह अपने व्यवसाय को फिर खड़ा कर सकेंगें । व्यापारियों ने कहा कि सरकार द्वारा आर्थिक पैकेज की घोषणा कर हम व्यापारियों का मजाक उड़ाया जा रहा है, बीस लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज में हम व्यापारियों को बीस हजार रुपये भी बैंको द्वारा नही मिल रहा है । सरकार द्वारा हवा हवाई घोषणाएं करने का क्या मतलब ?
व्यापारियों ने कहा कि हम सभी पिछले पाँच महीनों से भारतीय स्टेट बैंक व सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का चक्कर लगा रहें हैं पर कोई सुनवाई नही हो रही है, सिर्फ एक ही जवाब मिल रहा है कि अभी लोन नही हो रहा है । नाराज व्यापारियों ने कहा कि सरकार द्वारा इस तरह हम सभी को छला जाना व्यापारी समाज के साथ धोखा है । सरकार घोषणा के साथ साथ योजनाओं का लाभ दिलाने का भी कार्य करे, इस तरह सिर्फ घोषणाएं करने से व्यापारी समाज का हित नही होगा ।
दिनेश गुप्त, मनोज मद्धेशिया, सूरज मद्धेशिया, बंटी दीक्षित, सूरज वर्मा, राजेश गुप्ता, प्रमोद मद्धेशिया, राजेश यादव, सन्दीप गुप्ता, विनय मद्धेशिया, कपूरचंद गुप्ता, शिवकुमार मद्धेशिया, विजय मद्धेशिया, धर्मेन्द्र मद्धेशिया, विनोद मद्धेशिया, नागेन्द्र मद्धेशिया आदि व्यापारियों ने सरकार व बैंको की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर की है ।

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