कोविड 19 से उत्पन्न परिस्थितियो के कारण गरीबों एव जरूरतमंदों को अनुमन्य राशन व राहत धनराशि उपलब्ध कराए जाने को लेकर डीएम ने की समीक्षा बैठक

दिए आवश्यक निर्देश तय गाइड लाइन अनुसार सभी जुड़े अधिकारी इसका करे क्रियान्वयन

देवरिया। आज विकास भवन गांधी सभागार में जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण गरीबों और जरूरतमंदों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए सभी राशन कार्ड धारकों को 3 माह का राशन निःशुल्क उपलब्ध कराए जाने एवं पंजीकृत श्रमिकों को ₹1000 प्रति परिवार फिलहाल 1 माह के लिए दिए जाने के शासन के निर्देश के क्रम में संबंधित अधिकारियों के साथ आवश्यक बैठक आहूत की। इस दौरान उन्होंने सभी जुड़े विभागों के अधिकारियों को इसका क्रियान्वयन तत्कालिक रूप में किए जाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इसके सफल क्रियान्वयन के लिए जनपद स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है, जो इसके क्रियान्वन का सतत अनुश्रवण व पर्वेक्षण करेगी। उन्होंने विभिन्न स्तरों, विभागो के कार्य दायित्यो से अवगत कराते हुए समयबद्ध रूप से इसे संपादित किए जाने का निर्देश दिया।
नगर विकास विभाग का दायित्व –
नगरीय क्षेत्रों में ठेला, खोमचा, रेहडी, खोखा आदि लगाने वाले पटरी दुकानदारों दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा/ई-रिक्शा चालक कुली, पल्लेदार सहित नाई, धोबी, मोची, हलवाई आदि का चिन्हीकरण व संकलन एवं संकलित डाटा राहत आयुक्त कार्यालय की वेबसाइट rahat.up.nic.in पर फीड कराने के लिए नगर आयुक्त/ अधिशासी अधिकारी नोडल अधिकारी होंगे। इसके लिए अपर जिलाधिकारी प्रशासन को नोडल अधिकारी होंगे जिनके द्वारा अधिशासी अधिकारी नगर पालिका/नगर पंचायत से पात्र व्यक्तियों का डिटेल यथा नाम, पिता का नाम, आयु, व्यवसाय, स्थल का पता, बैंक का नाम, बैंक खाता संख्या,आई0एफ0एस0 कोड, मोबाइल नम्बर पहचान पत्र आदि विवरण स्वयं सत्यापित करने के उपरान्त वेबसाइट पर फीड करायेंगे। नोडल अधिकारी यह प्रमाण पत्र देंगे कि उनके द्वारा डाटा का सत्यापन कर लिया गया है इसमें किसी प्रकार की त्रुटि नहीं है एवं पात्र व्यक्तियों को ही सूची में सम्मिलित किया गया है।
पंचायती राज विभाग का दायित्व
ग्रामीण क्षेत्रों में ठेला, खोमचा रेहडी, खोखा आदि लगाने वाले पटरी दुकानदारों, मजदूरों, रिक्शा / ई-रिक्शा चालक, कुली, पल्लेदार सहित नाई, धोबी, मोची, हलवाई आदि का चिन्हीकरण डाटा संकलन एवं संकलित डाटा राहत आयुक्त कार्यालय की वेबसाइट rahat.up.nic.in पर फीड कराने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी नोडल अधिकारी होंगे। नोडल अधिकारी अपने विभाग के संबंधित अधिकारी / कार्मिक के माध्यम से डाटा प्राप्त कर उसको सत्यापित करने के उपरान्त वेबसाइट पर फीड करायेंगे। नोडल अधिकारी वह प्रमाण पत्र देंगे कि उनके द्वारा डाटा का सत्यापन कर लिया गया है इसमें किसी प्रकार की त्रुटि नहीं है एवं पात्र व्यक्तियों को डी सूची में सम्मिलित किया गया है।
राजस्व विभाग का दायित्व –
प्रवासी श्रमिकों / कामगारों / मजदूरों के साथ ही नाविकों का डाटा संकलन कर राहत आयुक्त कार्यालय की वेबसाइट rahat.up.nic.in पर फीड कराने के लिए अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) नोडल अधिकारी होंगे। नोडल अधिकारी क्षेत्रीय लेखपाल के माध्यम से डाटा संकलित कराकर उसको सत्यापित करने के उपरान्त वेबसाइट पर फीड करायेंगे। नोडल अधिकारी यह प्रमाण पत्र देंगे कि उनके द्वारा डाटा का सत्यापन कर लिया गया है इसमें किसी प्रकार की त्रुटि नहीं है एक पात्र व्यक्तियों को ही सूची में सम्मिलित किया गया है। उक्त प्रमाण पत्र जिलाधिकारी के माध्यम से राहत आयुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराया जायेगा। राहत आयुक्त कार्यालय के वेबसाइट rahat.up.nic.in पर फीडेड डाटा के अतिरिक्त अन्य किसी डाटा के आधार पर लाभार्थियों को धनराशि अन्तरण नहीं किया जायेगा।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि श्रम प्रवर्तन अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि मनरेगा योजना के श्रमिकों का शत-प्रतिशत श्रम विभाग में फीडिंग कर दिया जाय। इस संबंध में उपायुक्त श्रम रोजगार, देवरिया यह सुनिश्चित करें कि इस कार्य में रोजगार सेवको ग्राम सचिवों की ग्राम पंचायतवार लक्ष्य निर्धारित करते हुए शत प्रतिशत श्रम विभाग में रजिस्ट्रेशन करा दिया जाय।
बैठक में सीडीओ शिव शरणप्पा जीएन, एडीएम एफआर उमेश कुमार मंगला, डीपीआरओ आनंद प्रकाश, डीसी मनरेगा गजेंद्र तिवारी, डीएसओ विनय कुमार सिंह व अन्य संबंधित अधिकारी गण आदि उपस्थित रहे।

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