ABVP ने फीस वसूली को लेकर जिलाधिकारी को सौपा ज्ञापन

देवरिया । आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने नगर मंत्री ब्रजेश पांडेय के नेतृत्व में विद्यालयों/महाविद्यालयो द्वारा वैश्विक महामारी काल मे फीस वसूली व अन्य शैक्षणिक समस्याओं के विरुद्ध जिलाधिकारी को सम्बोधित 10 सूत्रीय ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा। जिला संयोजक शिवम निषाद ने कहा कि शिक्षा का व्यापारीकरण के पर्याय बन चुके कुछ तथाकथित विद्यालयों व महाविद्यालयो द्वारा इस आपदा काल को लूट का अवसर बनाया जा रहा है। विद्यार्थियो और अभिभावकों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है और ऐसे विद्यालय व महाविद्यालय तंत्र बेलगाम हो चुके है। सरकार के द्वारा निर्धारित मानक फीस से ज्यादा फीस वसूली का मामला भी जोर शोर से है। प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन पूर्व व उपरांत कक्षाएं सेनेटाइज की जाए एवं अप्रैल से जून तक के फीस को माफ करते हुए जिला प्रशासन से अपील है कि इस लूट खसोट को बंद करने हेतु जिला स्तरीय जांच कमेटी बनाए। इस दौरान 6 सदस्यी टीम ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौपते हुए कहा कि भविष्य में प्रशासन कोई ठोस कदम नही उठाती है तो विद्यार्थी परिषद योजनाबद्ध तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। इस दौरान पूर्व जिला संयोजक शुभम् त्रिपाठी,सौम्य मिश्र,अंकित,हैप्पी,आशुतोष, दिव्यांश,शिवम,अमृतांश आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।

शिवम निषाद ने बताया अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अपने स्थापना काल 9 जुलाई 1949 से ही राष्ट्रहित, समाजहित एवं छात्रहित में कार्य करने वाला विश्व का विशालतम छात्र संगठन है जो कि समय-समय पर सरकार और संगठन के माध्यम से समाज में व्याप्त समस्याओं के समाधान हेतु कार्य करता आ रहा है, महोदय आपका ध्यान हम वैश्विक महामारी कोरोना काल में छात्र हित तथा अभिभावकों के मानसिक एवं आर्थिक स्त्रोत की समस्या को देखते हुए विद्यालयों में प्रबंधकों,प्रधानाचार्यो व प्रचार्यों द्वारा की जा रही अवैध वसूली एवं शुल्क वृद्धि तथा मानसिक प्रताड़ना को ध्यान रखते हुए आपसे निम्नलिखित माँग करता है, अप्रैल, मई ,जून माह के सभी प्रकार के शुल्क माफ किया जाए। वर्तमान सत्र 2020-2021 के सभी प्रकार के शुल्क वृद्धि (प्रवेश फार्म शुल्क, साइकिल स्टैंड शुल्क, बस आदि) पर तत्काल कार्यवाही कर रोक लगाई जाए। शुल्क जमा करने हेतु समय सीमा का दबाव न बनाया जाए और एक साथ कई माह के शुल्क न जमा कराया जाए । शिकायत दर्ज कराने हेतु हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाए। विद्यालयों को नियमित सेनेटाइज कराया जाए । विद्यालयों द्वारा किए जा रहे मानसिक व आर्थिक उत्पीड़न के मामले में कठोर एवं त्वरित कार्यवाही की जाए । जनपद में सरकारी/अर्धसरकारी विद्यालयों द्वारा निर्धारित मानक से ज्यादे फीस छात्रों से ली जा रही है इसे तत्काल प्रभाव से जाँच कर कार्यवाही की जाए। विद्यालयों को छात्रों से ली जाने वाली शुल्क सार्वजनिक की जाए । जिला प्रशासन द्वारा जनपद में शैक्षणिक भ्रष्टाचार के जांच हेतु जांच टीम बनाई जाय जिससे जनपद में इस प्रकार की गम्भीर समस्याओं पर कार्यवाही हो सके। महाविद्यालयों एवं इंटर कॉलेजों में प्रवेश में मनमानी को रोकते हुए प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए। शिवम निषाद ने कहा वर्तमान में यह समस्या वैश्विक महामारी कोरोना को देखते हुए बहुत से परिवारों एवं छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उक्त गम्भीर समस्याओं का समाधान कराते हुए हमारी मांगो को पूरा करने की कृपा करें ! उन्होने कहा कि उक्त मांगो पर एक सप्ताह में कार्यवाही न होने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद व्यापक प्रदर्शन के लिए बाध्य होगी ! जिसका जिम्मेदार जिला प्रशासन होगा।

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