भाजपा महिला मोर्चा ने दी प्रदेश सरकार को धन्यवाद

देवरिया। योगी सरकार से गैर कानूनी धर्मांतरण निरोधक बिल 2020 को मंजूरी मिलने के बाद भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा देवरिया की कार्यकर्ताओ ने गरुलपार स्थित भाजपा कार्यालय पर एक दूसरे को मिठाई खिला खुशी जाहिर किया और मुख्यमंत्री योगी समेत कैबिनेट के सभी मंत्रियों के प्रति आभार ज्ञापित किया। इस दौरान महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष भारती शर्मा ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के साथ धर्मांतरण के नाम पर हो रहे अत्याचार को रोकने के लिए प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने जो धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश 2020 को मंजूरी दी है उससे महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। महिलाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण भाजपा की प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। लव जिहाद के खिलाफ इस अध्यादेश के आने से धर्म, नाम व अपनी पहचान छुपाकर शादी करने जैसी घटना अब नहीं होगी व यह अध्यादेश उत्तर प्रदेश की बेटियों की सुरक्षा का भी एक माध्यम बनेगा, इसके लिए देवरिया जनपद की महिलाओं और महिला मोर्चा के समस्त कार्यकर्ताओ की तरफ से मै मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी  का धन्यवाद करती हूं। इस अध्यादेश के माध्यम से छल प्रपंच करने वाले लोगों के लिए कड़े कानून का प्रावधान किया गया है।यह अध्यादेश कानून व्यवस्था को सामान्य रखने के लिए और बहन-बेटियों को सुरक्षित वातावरण देने हेतु बेहद जरूरी था। इस दौरान भाजपा मीडिया प्रमुख अम्बिकेश पाण्डेय,जिलामहामंत्री महिला मोर्चा मिनती सिंह,मीडिया प्रभारी महिला मोर्चा रेनू देवी,मधु कुमारी,यशोदा देवी आदि मौजूद रहे।

वही इस अध्यादेश के उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने ट्वीट कर लिखा कि लव जिहाद जैसे साम्प्रदायिक कलंक व घिनौने कृत्य को रोकने के लिए योगी सरकार ने गैर कानूनी धर्मांतरण निरोधक बिल 2020 को मंजूरी दे दी है। लव जिहाद निश्चित रूप से सभ्य समाज के लिए एक कलंक है। इससे समाज का ताना-बाना न सिर्फ टूटता है बल्कि सामाजिक सद्भाव बिगड़ता है। जबकि मीडिया प्रमुख भाजपा अम्बिकेश पाण्डेय के हवाले से इस अध्यादेश की मंजूरी के बाद राज्य मंत्री जयप्रकाश निषाद ने बताया कि ‘लव जिहाद’ नामक साम्प्रदायिक कालिख के खिलाफ एक सख्त व कड़ा कानून बनाने के अध्यादेश को योगी सरकार के कैबिनेट द्वारा मंजूरी प्रदान की गई है। प्रदेश की बहन-बेटियों के भविष्य की रक्षा एवं समाज में एक स्वच्छ व भयमुक्त वातावरण तैयार करने में यह कानून निश्चित ही प्रभावशाली साबित होगा तथा सदर विधायक डा. सत्यप्रकाश मणि त्रिपाठी ने बताया कि यह अध्यादेश ऐसे धर्म परिवर्तन को एक अपराध की श्रेणी में लाकर प्रतिषिद्ध करेगा, जो मिथ्या निरूपण, बलपूर्वक, असम्यक प्रभाव, प्रलोभन या अन्य किसी कपट रीति से या विवाह द्वारा एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तन के लिए किया जा रहा हो।धर्म परिवर्तन के इच्छुक होने पर विहित प्रारूप पर जिला मजिस्ट्रेट को दो माह पूर्व सूचना देनी होगी। इसका उल्लंघन किए जाने पर 06 माह से 03 वर्ष तक की सजा और ₹10,000 जुर्माने का प्राविधान किया गया है।इस अध्यादेश को कानून का रूप ले लेने के बाद महिलाओं की सुरक्षा एक प्रभावी रूप ले लेगी।

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