लेखपाल की प्रताड़ना से तंग व्यवसायी ने लेखपाल पर की कार्रवाई की माँग

भलुअनी (देवरिया) । जनता की सुविधाओं में सहयोग के लिये सरकार द्वारा नियुक्त किये गये अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा जनता की सेवा के बजाय शोषण किया जा रहा है । भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ भलुअनी मण्डल संयोजक सन्तोष मद्धेशिया पुत्र स्व. रामचन्द्र मद्धेशिया ने लेखपाल सूर्यदेव पटेल की कार्यशैली से तंग आकर 23 अक्टूबर को एसडीएम बरहज सुनील कुमार सिंह को शिकायती पत्र सौंपकर लेखपाल व कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है । सन्तोष मद्धेशिया ने बताया कि पिता की मृत्यु के बाद वर्ष 2018 में लेखपाल को मृत्यु प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल व अन्य सम्बंधित कागजो को संलग्न कर वरासतनामा हेतु दिया, वरासतनामा में खर्च के लिये मुझसे छः सौ रुपये भी लेखपाल ने लिया । करीब ढाई वर्षो से ऊपर का समय बीत जाने के बाद भी हम लोंगों का नाम वरासतनामा में नही दर्ज हुआ है । इस दौरान लेखपाल से मैंने कई बार कहा कि हम लोंगों का नाम अभी तक दर्ज नही हुआ है जिस पर लेखपाल द्वारा बार बार यही कहा जाता था कि नाम दर्ज हो चुका है आप खतौनी निकलवा लीजिये । मैं 20 अक्टूबर को बरहज तहसील पर जाकर लेखपाल सूर्यदेव पटेल की मौजूदगी में खतौनी दिलाने की बात कहा जिस पर खतौनी के लिये भी रुपये की माँग की गयी । मेरे द्वारा शिकायत करने के बाद लेखपाल दूसरों के माध्यम से सम्बंधित कागज गलत तरीके से हासिल कर नाम चढ़ाकर कार्रवाई से बचने की कोशिश कर रहा है ।

एसडीएम ने मांगी सीडी

कुछ दिनों पहले एसडीएम द्वारा लेखपालों को वरासतनामा के लिये लोंगों को बेवजह ना दौड़ाने व वरासतनामा तत्काल करने का आदेश दिया गया था, साथ ही यह भी कहा था शिकायत पाये जाने पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी । इस चेतावनी के बावजूद भी लेखपाल सूर्यदेव पटेल द्वारा एसडीएम के आदेश की खुलेआम धज्जियां उडायी गयी । एसडीएम बरहज द्वारा इस शिकायत को गम्भीरता से लेते हुये सन्तोष मद्धेशिया से प्रकरण सम्बन्धित सीडी उपलब्ध कराने को कहा गया जिसे उन्होनें 31 अक्टूबर को तहसील में जाकर दे दिया ।  अब देखना यह है कि उच्च अधिकारियों के आदेशों को दरकिनार कर अपनी मनमानी कर जनता को प्रताड़ित करने वाले ऐसे अधिकारियों व कर्मचारियों पर कब तक कार्रवाई होती है ।

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