भारी बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त

देवरिया। पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश ने जिलेवासियों की मुसीबत बढा दी है। भारी बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है । सड़को पर जलभराव हो गया । धान की फसलों में पानी लगने से किसानों की समस्या बढ़ गई है। उपनगरों में जलभराव और जलजमाव से स्थिति बिगड़ गयी है। घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। शहर में जलजमाव की यह स्थिति है कि कलेक्ट्रेट परिसर में चारो ओर पानी ही पानी है। सभी प्रशासनिक अधिकारियों डीएम, एडीएम प्रशासन, एडीएम वित्त व राजस्व, जिला आबकारी अधिकारी, डीएसओ, सहायक अभियोजन अधिकारी सहित अन्य कार्यालयों में भी पानी घुस गया है।
अधिकारी व कर्मचारी कार्यालय नही पहुंच पाए, उनके कार्यालयों में ताला बंद मिला। शहर के कई मोहल्लो की स्थिति बहुत ही दयनीय हो चुकी है। घरों में पानी घुस जाने से लोगो को परेशानियों को झेलनी पड़ रही है। इस बारिश ने तो शहर की सफाई एवं जलनिकासी की व्यवस्था की पोल खोल दी है। शहर के रामनाथ देवरिया, उमानगर, राघवनगर, अंबेडकर नगर, अमेठी, बांस देवरिया, अबूबकर नगर, सहित अन्य मुहल्लों में सड़को पर पानी बह रहा है। इसम़े अधिकांश मोहल्ले 3 माह से पानी से घिरे हुए है । कई वर्षो से बरसात के मौसम में शहर की स्थिति बद से बद्दतर होती जा रही है। लोगों को जलभराव एवं जलजमाव की समस्या से दो चार होना पड़ रहा है। शहर में कई जगह पंपिग सेट लगाकर पानी निकालने की व्यवस्था की जा रही है।

भलुअनी उपनगर भी बारिश से हुआ बेहाल

भलुअनी, देवरिया । उपनगर भलुअनी भी इस बारिश से अपनी बदहाली पर आंशु बहाने को मजबूर हो चुका है।
गली मोहल्लों में जलभराव से लोगो को परेशानियों से जुझना पड़ रहा है। बारिश की वजह से रोड पर पानी बह रहा है। गांधी चौक पर स्थिति और भी नरकीय हो गयी है, शिवधरिया गांव जो पानी से लगभग डुब ही गया है गांव के खेतो का पानी रोड पर बह रहा है, पानी निकालने की कोई व्यवस्था नही है। पानी के ठहराव के कारण डेंगू और मलेरिया के मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। जिम्मेदार आंख बंद कर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे है, जनता पानी के निकासी के बदहाली पर सरकार को कोस रही है जिम्मेदार जनप्रतिनिधि घर बैठकर बरसात का मजा ले रहे है। अधिकारी भी अपना फर्ज बखुबी निभा रहे है, वह भी जानते है जनता चुप है तो हम क्या करे, भले जनता परेशानियों से गुजरे अधिकारियों को क्या, बरसात के कारण बिसैले सर्प भी अपने बिलों से निकल कर इधर उधर भाग रहे है अगर भूल से भी कोई मिल गया तो उसे डसने में कोई गुरेज भी नही है। मच्छरों का प्रकोप दिनप्रतिदिन बढता ही जा रहा है मगर जहा तहाँ पानी लगा है वहा से उसको निकालने में अधिकारी सहित जनप्रतिनिधि कोई रूचि नही ले रहे है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button