श्रीराम कथा सुन भाव-विभोर हुए श्रोता

मगहरा, देवरिया। बकुची मिश्र गांव में विश्व सेवा मिशन द्वारा आयोजित श्री राम कथा के चौथे दिन वृंदावन धाम से पधारे कथा वाचक पवनदेव जी महाराज द्वारा बाल लीला, अहिल्या उद्धार, धनुष यज्ञ की कथा का वर्णन किया। सभी श्रोता कथा सुन भाव विभोर हो गये।
पवनदेव जी महाराज ने कथा में कहा जनक जी के घर में पड़ी उस पुरानी धनुष को कोई उठा नही पाता था, लेकिन एक दिन सीता ने उस धनुष को उठाकर उस स्थान की सफाई किया। उनके पिता जनक जब यह दृश्य देखे तो आश्चर्य चकित रह गये। और घोषणा किए कि इस धनुष को जो उठाएगा उसी के साथ सीता का विवाह होगा। कथा वाचक पवनदेव महाराज महान कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर जी के शिष्य है। इस श्री राम कथा का आयोजन में बकुची मिश्र के सभी ग्रामवासियों के सहयोग मिलता है।

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