सरकार के गड्ढामुक्त सड़कों के दावों की पोल खोलती भलुअनी की सड़कें

भलुअनी (देवरिया) । पिछले दो सप्ताह से हो रही बारिश ने भलुअनी सिंहपुर मार्ग (शिव मंदिर रोड़) व भलुअनी पकड़ी मार्ग (हॉस्पिटल रोड़) ने सरकार के गड्ढामुक्त दावों की पोल खोलते हुये इस दावे को सिर्फ नारों व कागजों में ही सीमित होना साबित कर दिया है ।
इन दोनों सड़कों को देखा जाय तो हो सकता है सरकारी कागजों में गड्ढामुक्त ही मिले पर वास्तविकता यह है कि इन दोनों सड़कों में गड्ढे ही गड्ढे हैं, जिन्हें गिनने को किसी को लगा दिया जाय तो वो गड्ढे गिनने की बजाय अपना सिर पटकना ज्यादा पसंद करेगा ।

सरकार के गड्ढामुक्त सड़कों के दावों की पोल खोलती भलुअनी की सड़कें

अपनी दुर्दशा पर आँसू बहा रही यह दोनों मुख्य सड़कें किसी नेकदिल व फरिश्तों के रुप मे जनप्रतिनिधियों की बांट जोह रही हैं जो आकर इनका उद्धार कर सके । विगत करीब पाँच छः वर्षों से इन सड़कों से आने जाने वाले हजारों लोग अब इन सड़कों के कायाकल्प की आस भूल चुके हैं ।अब क्षेत्रवासी मान चुके हैं कि अगर हमें भलुअनी क्षेत्र में रहना है तो ऐसी सड़कों को ही अपना भाग्य मानकर आने जाने की आदत डालनी होगी क्योंकि अब सड़कों के मामले में भलुअनी क्षेत्र जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी विहीन हो चुका है ।

पिछले कई वर्षों से क्षेत्रवासी जनप्रतिनिधियों से इन सड़कों को बनवाने की माँग करते करते थक गये पर आश्वासन के सिवाय आज तक कुछ नही मिला । अब क्षेत्रवासियों ने भी ऐसे जनप्रतिनिधियों को सबक सिखाने का मन बना लिया है और इसका अंदाजा उन्हें आने वाले चुनावों में हो जायेगा ।

जनता इन सड़कों की वजह से किस तरह की दुश्वारियां झेल रही है इसका अंदाजा ना तो जनप्रतिनिधियों को है ना ही प्रशासनिक अधिकारियों को । जनता का कहना है कि जब किसी बड़े नेता का आगमन किसी क्षेत्र में होता है तो रातोंरात सड़के चमकने लगती हैं क्यूँकि जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को अपना गला फंसता दिखाई देता है पर जनता की समस्याओं व दुश्वारियों से इन्हें कोई मतलब नही होता ।

 

शिव मन्दिर रोड़ की आज यह दशा है कि रोड़ में हजारों बड़े बड़े गड्ढे व घुटनों तक भरे पानी की वजह से लोग ना चाहते हुये भी आने जाने को मजबूर हैं । शादी ब्याह का सीजन होने के बावजूद भलुअनी के प्राचीन व विख्यात शिव मंदिर पर वैवाहिक कार्यक्रमों सम्बंधित आयोजन करने से लोग कतरा रहे हैं, इन सड़कों से बारात ले जाते समय बाराती भी इन सड़कों की तारीफ करते नही थकते ।

बहुत से लोग इन सड़कों से होकर जाने वाले गांवों में अपने बेटे बेटियों का रिश्ता नही करना चाहते, आये दिन इन सड़कों में गाड़िया फंसती है जिन्हें लोग धक्के देकर निकालते दिखायी देते हैं, अक्सर लोग गड्ढों की वजह से गाड़ियों सहित तालाब बने सड़क में गिरते हैं, लोंगों के घरों तक दूध देने वाले इन रास्तों की वजह से दूध पहुचानें से मना कर दे रहे हैं ।

दूसरे स्थानों से आये हुये व्यक्ति भलुअनी जैसे उपनगर की इस बदहाल स्थिति को देखकर आश्चर्य के साथ व्यंग्य भी कसते हैं । पंचायत भवन के पास तालाब बने सड़क में घुटनों तक पानी होने की वजह से अधिकांश दुर्घटनाएं होती हैं । हॉस्पिटल रोड़ में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक कीचड़ से पटे सड़क में लोंगों का आना जाना भी किसी अजूबे से कम नही है ।

इन सड़कों में गड्ढे, पानी व कीचड़ के अलावा तो और कुछ दिखायी ही नही देता, सड़कों की इन दयनीय हालत की वजह से दुकानदारों को भी काफी क्षति उठानी पड़ती है । लोंगों का कहना है कि इन नारकीय सड़कों की दुर्दशा से हम सभी कई वर्षो से जूझ रहे हैं और अभी पता नही कितने वर्षों तक हमें यह दुर्दशा भुगतनी है । अब देखना यह है कि जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों की नजरें इन सड़कों पर कब तक पड़ती हैं ?

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