रविन्द्र किशोर शाही की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुण्यतिथि मनाई गयी

देवरिया । जनसंघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे,उत्तर प्रदेश सरकार में पूर्व मंत्री रहे स्व.रविन्द्र किशोर शाही की पुण्यतिथि पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने देवरिया स्टेडियम और कंचनपुर चौराहे पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया।इसके बाद उपस्थित कार्यकर्ताओ को सम्बोधित करते हुये कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कहा कि रविन्द्र किशोर शाही में आमजन की मदद व अपने क्षेत्र के विकास की भावना कूट- कूट कर भरी थी। शायद इसीलिए उन्होंने हमेशा अन्याय के खिलाफ आवाज उठायी। जब सरकार में आने का मौका मिला तो किसानों को बिजली देने के लिए कड़ा कदम उठाया और जिले में कई पुलों व खिलाड़ियों के लिए स्टेडियम की स्थापना की।

अपनी सरलता, निर्णय व नेतृत्व की क्षमता व आम जन से लगाव के चलते ही उन्होंने ग्राम प्रधान से लेकर जनसंघ के प्रदेश अध्यक्ष तक का सफर तय किया। रविन्द्र किशोर शाही का जन्म पथरदेवा ब्लाक के पकहां गांव में हुआ था। पकहां बिहार सीमा से सटा हुआ है। इसके चलते उनकी प्रारम्भिक शिक्षा बिहार प्रांत के गोपालगंज के खुरहरिया गांव से हुई थी। स्नातक, एमकाम व एलएलबी की शिक्षा इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पूरी की। एलएलबी करने के बाद उन्होंने वकालत करने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया, लेकिन वकालत नहीं शुरू की। वे राष्ट्रीय स्वयं सेवक से जुड़े थे और संघ के कार्य में लग गए। इस बीच उनका सामाजिक कार्य चलता रहा। समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय रहने के साथ उन्होंने गांव से अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत की थी।उनकी पुण्यतिथि पर हम कोटि-कोटि नमन करते है।

भाजपा जिलाध्यक्ष अंतर्यामी सिंह ने कहा कि काफी सहज और मृद भाषी स्व.रविन्द्र किशोर शाही ने अपने सामाजिक और राजनीतिक जीवन की शुरुआत अपने गांव से किया था। वे सबसे पहले अपने गांव पकहां से निर्विरोध ग्राम प्रधान चुने गए। प्रधान के रूप में उन्होंने गांव के विकास के लिए उल्लेखनीय कार्य किया। बाद में पथरदेवा ब्लाक के ब्लाक प्रमुख बने।जिला सहकारी बैंक, डीसीएफ और पीसीएफ के डाइरेक्टर रहे। इन पदों के साथ ही जनसंघ में भी उनका प्रभाव व कद बढ़ता गया। उस जमानें में उन्होंने संगठन को मजबूत करने के लिए गांव- गांव तक साइकिल से यात्रा की। उनके इस प्रयास से संगठन को काफी मजबूती मिली और संगठन में श्री शाही का कद अपने कार्यो से बढ़ता गया।

जनसंघ के जिला मंत्री रहे और धीरे- धीरे अपने काम के बल पर प्रदेश अध्यक्ष तक बने। पार्टी ने उनके कार्य को देखते हुए 1972 व दूसरी बार 1978 में एमएलसी बनाया। विधान परिषद में नेता विधान परिषद, नेता विरोधी दल और नेता विधान मण्डल दल भी रहे। इस बीच रविन्द्र किशोर शाही ने आपातकाल के विरोध में हुए आंदोलन में बढ़ चढ़कर भाग लिया। जयप्रकाश नारायण के आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया। इसके चलते 1975 -76 में मीसा और डीआईआर बन्दी बनाए गए।उनके किये कार्य आज भी देवरिया के लोगो के बीच याद किये जाते है।

इस दौरान गन्ना शोध संस्थान के उपाध्यक्ष नीरज शाही,प्रधानसंघ अध्यक्ष राजेश मिश्रा, अजय शाही,जितेन्द्र राव,अरुण सिंह,डा. सत्यप्रकाश मणि त्रिपाठी,अजय उपाध्याय, दिवाकर मणि त्रिपाठी,अम्बिकेश पाण्डेय,रविन्द्र कौशल किशोर,संजय पाण्डेय,अमित सिंह बबलू,दिनेश गुप्ता,अंकुर राय,अजय दूबे वत्स,विजय पटेल,संजय तिवारी,रमेश वर्मा,रोहित राय,प्रवीण प्रताप मल्ल, तेज लबहादुर पाल,आशुतोष तिवारी,संजू सोनी,काशीपति शुक्ला, गिरिजेश सिंह आदि उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button