देवरिया टाइम्स। देवरिया
समाज कल्याण विभाग की वृद्धावस्था पेंशन योजना को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। नवंबर 2024 से मई 2026 तक वृद्धा पेंशन के लिए आवेदन करने वाले बड़ी संख्या में बुजुर्गों को अब तक पेंशन का लाभ नहीं मिल सका है। इससे गरीब और जरूरतमंद बुजुर्गों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
जानकारी के अनुसार, जिले में नवंबर 2024 के बाद जिन बुजुर्गों ने वृद्धा पेंशन के लिए आवेदन किया, उनके आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद खातों में पेंशन की राशि नहीं पहुंची। कई आवेदक महीनों से समाज कल्याण विभाग और जनसेवा केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल इंतजार करने की बात कही जा रही है।
इस मामले में जब जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधीर पाण्डेय से कैमरे पर प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया तो उन्होंने बोलने से इंकार कर दिया। हालांकि, मौखिक रूप से उन्होंने स्वीकार किया कि विभाग में बजट उपलब्ध न होने के कारण नवंबर 2024 से किए गए नए आवेदनों पर सरकार की ओर से पेंशन जारी नहीं हो पा रही है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक ओर सरकार, जनप्रतिनिधि और उच्च अधिकारी लगातार वृद्धजनों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा की बातें कर रहे हैं, योजनाओं के प्रचार-प्रसार के साथ पात्रता की उम्र तय कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर डेढ़ वर्ष से अधिक समय से नए आवेदकों को पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में कई बुजुर्ग ऐसे हैं जिनके पास आय का कोई स्थायी साधन नहीं है और वे पूरी तरह सरकारी पेंशन पर निर्भर हैं। पेंशन न मिलने से उनके सामने दवा, भोजन और दैनिक जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है, लेकिन कार्यालय के बाबू आय व तमाम तरह कि बाते कह कर गोल गोल गुमा दें रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकार नई पेंशन स्वीकृत नहीं कर पा रही है तो कम से कम स्पष्ट रूप से स्थिति बतानी चाहिए, ताकि बुजुर्गों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर नवंबर 2024 से लंबित पड़े इन आवेदनों पर सरकार कब तक निर्णय लेगी और हजारों जरूरतमंद बुजुर्गों को उनका अधिकार कब मिलेगा।
